John Mayer

I may be old and I may be Young

but I’m not done changing,

Out on the run changing!

Some of us stopped running

Some of us went home

Some of us don’t got one

So we’ll build one of our own.

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मौत की पहली अलामत साहिब ,यही अहसास का मर जाना है – इदरीस बाबर

ज़िन्दगी का बोझ कभी कभी मज़बूत कंधों को भी झुका देता है । वक़्त और किस्मत के तकाज़े शहंशाहों को भी नहीं बख्शते तो फिर इलाज़ ? जी केवल यह कि बुरा वक्त आने पर अपनी ज़ुबान को अपने हलक में बांध कर रखें और हांथों और दिमाग़ को बेहिसाब खुला । वक़्त और क़िस्मत बदलते वाक़ई देर नही लगती!

माँझी तोरा नाम तो बता

आज बस ये चित्र जो शायद सालों बाद बनाया है और मेरे पसंदीदा ऋतुपर्णो दा का ये गीत जिसे सुनते हुए बनाया है –

शाम ढले सखियाँ सब लौट गयीं सारी

अकेले हम नदिया किनारे

माँझी तोरा नाम तो बता

फिर कैसे पुकारें ! तुझे कैसे पुकारें …

अकेले हम नदिया किनारे

टूटे मेला सावन बेला

आई जमुना किनारे

माँझी तोरा नाम तो बता

फिर कैसे पुकारें , तुझे कैसे पुकारें …