माँझी तोरा नाम तो बता

आज बस ये चित्र जो शायद सालों बाद बनाया है और मेरे पसंदीदा ऋतुपर्णो दा का ये गीत जिसे सुनते हुए बनाया है –

शाम ढले सखियाँ सब लौट गयीं सारी

अकेले हम नदिया किनारे

माँझी तोरा नाम तो बता

फिर कैसे पुकारें ! तुझे कैसे पुकारें …

अकेले हम नदिया किनारे

टूटे मेला सावन बेला

आई जमुना किनारे

माँझी तोरा नाम तो बता

फिर कैसे पुकारें , तुझे कैसे पुकारें …

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s